ट्रम्प पैनल का सुझाव- स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा के लिए स्टाफ को बंदूक रखनी चाहिए



वॉशिंगटन. अमेरिकी सरकार स्कूलों में शूटिंग की बढ़ती घटनाओं के मद्देनजर जल्द ही स्टाफ के लिए बंदूक रखना अनिवार्य कर सकती है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा गठित एक सुरक्षा समिति ने सरकार को इसके लिए सुझाव दिए हैं। इसमें कहा गया है कि स्कूलों की सुरक्षा के लिए रिटायर्ड सैनिकों और पुलिसवालों को तैनात किया जा सकता है। ये लोगअच्छे ट्रेनर भी साबित हो सकते हैं।

अमेरिका के फ्लोरिडा स्थित हाईस्कूल में इसी साल फरवरी में एक छात्र ने गोलीबारी की थी। इसमें 17 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि कई लोग गंभीर रूप से जख्मी भी हुए थे। इस घटना के बाद पूरे अमेरिका में गन वॉयलेंस (बंदूक से होने वाली हिंसा) को रोकने के लिए नीति बनाने की मांग की गई थी। ट्रम्प प्रशासन ने इसके बाद फेडरल कमीशन के गठन का ऐलान कर दिया था।

दूरदराज के स्कूलों में टीचर को दी जाएं बंदूकें

अमेरिका की शिक्षा मंत्री बेट्सी डेवोस की अध्यक्षता वाले पैनल ने स्कूलों की सुरक्षा पर रिपोर्ट तैयार की है। इसमें कहा गया है कि कुछ विशेष परिस्थितियों में स्कूल की सुरक्षा के लिए टीचरों को भी बंदूकें दी जा सकती हैं। ऐसे स्कूल जो दूरदराज के इलाकों में हों या जहां पुलिस को पहुंचने में देरी हो सकती है, वहां स्टाफ को बंदूक देने से स्कूलों पर हमले रोके जा सकते हैं।

बंदूक खरीदने की उम्र बढ़ाने से इनकार
पैनल ने अपनी रिपोर्ट में बंदूक खरीदने के लिए उम्र की सीमा बढ़ाने से इनकार किया। पैनल ने दावा किया कि गोलीबारी में इस्तेमाल होने वाले हथियार आमतौर पर हमलावरों को अपने परिवारवालों और दोस्तों की मदद से मिलते हैं।

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इस साल फरवरी में फ्लोरिडा के स्कूल में हुई गोलीबारी की घटना में बच्चों समेत कई टीचर भी मारे गए थे।


कई छात्रों ने इस घटना के बाद ट्रम्प से मुलाकात भी की थी।

Source: bhaskar international story

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