राम रहीम पर हत्या के दो मामलों में अलग-अलग होगी सुनवाई, हो सकती है फांसी की सजा

बलात्कार मामले में 20 साल की सजा भुगत रहे डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। उनके पूर्व ड्राइवर खट्टा सिंह ने पत्रकार रामचंद्र और रणजीत सिंह की हत्या मामले में फिर से गवाही देने की बात कही है।  वहीं सीबीआई की विशेष अदालत ने सीबीआई की उस याचिका को स्वीकार कर लिया है जिसमें राम रहीम के खिलाफ हत्या के दोनों मामलों की अलग-अलग सुनवाई का फैसला लिया है।

सीबीआई के वकील एसपीएस वर्मा के अनुसार, विशेष सीबीआई कोर्ट ने दोनों मामलों पर अलग-अलग सुनवाई करने का फैसला किया है। कोर्ट रणजीत सिंह के मामले पर रोजाना आधार पर 18 सितंबर से जबकि छत्रपति हत्याकांड पर 22 सितंबर को सुनवाई करेगी। सीबीआई जज जगदीप सिंह लोहान ने दोनों मामलों में अलग-अलग सुनवाई करते हुए यह व्यवस्था दी।

ये हैं अन्य आरोपी
दोनों मामलों में डेरा प्रमुख गुरमीत समेत आठ अन्य मुख्य आरोपी हैं। छत्रपति हत्याकांड में गुरमीत के अलावा डेरा प्रबंधक कृष्ण लाल, शूटर कुलदीप सिंह और निर्मल सिंह मुख्य आरोपी हैं जबकि रणजीत हत्याकांड में अवतार, इंदरसेन, जसबीर सिंह, सबदिल सिंह और कृष्ण लाल आरोपी हैं। इनमें कृष्ण लाल छत्रपति हत्याकांड में भी आरोपी हैं।

फांसी की सजा तक हो सकती है
रणजीत और छत्रपति हत्याकांड में आरोप साबित होने पर डेरा प्रमुख गुरमीत को उम्रकैद या मौत की सजा हो सकती है। इन दो मामलों के अलावा गुरमीत के खिलाफ डेरा अनुयायियों को नपुंसक बनाने के आरोप में भी मामले चल रहे हैं।

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