सीनेट में ट्रम्प का बहुमत बरकरार, हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में डेमोक्रेट्स का कब्जा

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इंटरनेशनल डेस्क. अमेरिकी संसद (कांग्रेस) के हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में डेमोक्रेट्स को बहुमत मिला है। वहीं, सीनेट में डोनाल्ड ट्रम्प की रिपब्लिकन पार्टी ही काबिज रही है। 2016 में सीनेट में रिपब्लिकंस को मामूली बढ़त मिली थी। इस बार रिपब्लिकंस की सीटें बढ़ सकती हैं। अमेरिका में मध्यावधि चुनाव में 6 नवंबर को वोटिंग हुई थी। इसमें अमेरिकियों ने हाउस की सभी 435 और सीनेट की 100 में से 35 सीटों के लिए वोटिंग हुई थी। 50 में से 36 राज्यों के गवर्नर के लिए भी मतदान हुआ था।

वॉशिंगटन पोस्ट के मुताबिक- डेमोक्रेट्स ने उन 13 सीटों पर भी जीत हासिल की है जो रिपब्लिकंस के कब्जे में थीं। इनमें कंसास सिटी, फिलाडेल्फिया, पिट्सबर्ग, मिनेपोलिस, मियामी और वॉशिंगटन पोस्ट शामिल हैं। बताया जा रहा है कि हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में डेमोक्रेट्स को मिली जीत 2011 की तरह हो सकती है। तब बराक ओबामा की अगुआई में डेमोक्रेट्स ने चुनाव लड़ा था।

ताकतवर होंगे डेमोक्रेट्स

सांसद नेंसी पेलोसी (78) का दोबारा से हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स का स्पीकर चुना जाना तय माना जा रहा है। हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में बहुमत मिलने के बाद डेमोक्रेट्स और ताकतवर होंगे। यह डोनाल्ड ट्रम्प के प्रशासन, उनके व्यक्तिगत खर्च, होटल, गोल्फ कोर्स और अन्य बिजनेस के लिए चुनौती बन सकता है। डेमोक्रेट्स ट्रम्प से 2016 राष्ट्रपति चुनाव के दौरान खर्च या रूसी सरकार की मदद संबंधी ब्योरा मांग सकते हैं। चुनाव के पहले हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में रिपब्लिकंस के 235 और डेमोक्रेट्स के 193 सांसद थे। मध्यावधि चुनाव के बाद डेमोक्रेट्स को 23 नई सीटें मिलीं।

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रिपब्लिकंस का सीनेट पर कब्जा
रिपब्लिकंस ने डेमोक्रेट्स का सीनेट पर काबिज होने का सपना ध्वस्त कर दिया। ट्रम्प की पार्टी बहुमत से ज्यादा सीटें भी मिल सकती हैं। चुनाव के पहले रिपब्लिकंस को डेमोक्रेट्स से मामूली बहुमत (51-49) हासिल था। रिपब्लिकंस को फ्लोरिडा, टेक्सास, टेनेंसी के अलावा डेमोक्रेट्स के कब्जे वाली नॉर्थ डकोटा और इंडियाना में जीत मिली है। ट्रम्प ने जीत मिलने पर लोगों को शुक्रिया जताया।

ट्रम्प ने की थी 50 रैलियां
मध्यावधि चुनाव को लेकर ट्रम्प ने 50 रैलियां की थी जिनमें से 30 पिछले दो महीनों में कीं। व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी सारा सैंडर्स ने कहा, “राष्ट्रपति के भाषणों ने लोगों को ऊर्जा से भर दिया। उन्हें सुनने के लिए देशभर में हुई रैलियों में जमकर भीड़ उमड़ी। ट्रम्प की अगुआई में रिपब्लिकन नेशनल कमेटी ने 25 करोड़ डॉलर इकट्ठे किए। मध्यावधि चुनाव में ग्रैंड ओल्ड पार्टी (रिपब्लिकंस) का प्रदर्शन शानदार रहा।”

क्या होते हैं मध्यावधि चुनाव?

  • अमेरिका में हर चार साल में राष्ट्रपति चुनाव होते हैं। जिस साल राष्ट्रपति चुने जाते हैं, उसके दो साल बाद मध्यावधि चुनाव होते हैं। यानी 2016 में राष्ट्रपति चुनाव हुए थे। इसलिए 2018 का साल मध्यावधि चुनाव का है।
  • कांग्रेस यानी अमेरिकी संसद में दो सदन हैं। एक उच्च सदन- सीनेट और दूसरा निचला सदन- हाउस ऑफ रिप्रेंजेटेटिव्स। सीनेट सदस्यों का कार्यकाल 6 साल का होता है। हर 2 साल में सीनेट की करीब एक-तिहाई सीटें खाली हो जाती हैं।हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स के 435 सदस्यों का कार्यकाल सिर्फ 2 साल का होता है। यानी हर दो साल में नई हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स चुनी जाती है। पिछली बार 2016 में राष्ट्रपति चुनाव के साथ हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स के चुनाव हुए थे।

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चुनाव में यह भी खास

  • इल्हान उमर और रशीदा तलैब अमेरिकी संसद में पहुंचने वाली पहली मुस्लिम महिला बनीं। इल्हान अमेरिकी सांसद बनने वाली पहली सोमाली-अमेरिकी भी हैं।
  • 27 साल की सफिया वजीर न्यू हैंपशायर से हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स से चुनी गईं। उन्होंने रिपब्लिकन पार्टी के डेनिस सॉसी को हराया। सफिया का परिवार तालिबान के अत्याचार से तंग आकर अमेरिका आ गया था।
  • कंसास की डेमोक्रेट शेराइस डेविस कांग्रेस में पहुंचने वाली अमेरिकी मूल की पहली महिला बनीं।
  • कोलोराडो के डेमोक्रेट जेरेड पोलिस अमेरिका के पहले गे गवर्नर बने।

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Source: bhaskar international story

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